हाँ, ट्रांसजेंडर व्यक्ति को नौकरी से वंचित करना मानव अधिकारों का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 और 15 समानता और भेदभाव निषेध प्रदान करते हैं।
NALSA केस (2014) में सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रांसजेंडर को समान अधिकार दिए।
Transgender Act, 2019 रोजगार में भेदभाव को रोकता है।
यह व्यक्ति की गरिमा और जीविका के अधिकार का उल्लंघन है।
इसलिए यह अवैध है और पीड़ित न्याय प्राप्त कर सकता है।