Skip to Content

Explain judicial protection of Human Rights.

न्यायिक संरक्षण का अर्थ है कि न्यायालय मानव अधिकारों की रक्षा और लागू करने का कार्य करते हैं।

भारत में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय मानव अधिकारों के संरक्षक हैं।

अनुच्छेद 32 और 226 नागरिकों को सीधे न्यायालय जाने का अधिकार देते हैं।

न्यायालय विभिन्न रिट जारी करते हैं जैसे:

हैबियस कॉर्पस
मंडेमस
सर्टियोरारी
प्रोहीबिशन
क्वो वारंटो

न्यायपालिका ने अनुच्छेद 21 का दायरा बढ़ाकर कई अधिकार शामिल किए हैं जैसे:

स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार
शिक्षा का अधिकार
जीवन यापन का अधिकार
गरिमा का अधिकार

जनहित याचिका (PIL) ने गरीबों के लिए न्याय आसान बनाया है।

सरल अर्थ (Hindi):

न्यायालय लोगों के अधिकारों की रक्षा करते हैं।