यदि राज्य सरकार NHRC की सिफारिशों को नजरअंदाज करती है, तो कोई सीधा दंड नहीं होता क्योंकि ये बाध्यकारी नहीं हैं।
लेकिन:
NHRC रिपोर्ट प्रकाशित कर सकता है
सरकार पर दबाव बना सकता है
पीड़ित न्यायालय जा सकता है।
सरल अर्थ (Hindi):
सरकार न माने तो भी कोर्ट का रास्ता खुला है।