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What is claim-right?

Claim-Right क्या है?

Claim-right विधिशास्त्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत है। इसे वेस्ले न्यूकॉम्ब होहफेल्ड ने स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि “अधिकार” शब्द का उपयोग अक्सर बहुत सामान्य तरीके से किया जाता है, लेकिन सभी अधिकार एक जैसे नहीं होते। जब हम “अधिकार” शब्द का उपयोग उसके सख्त कानूनी अर्थ में करते हैं, तो हम वास्तव में claim-right की बात कर रहे होते हैं।

सरल शब्दों में, claim-right वह कानूनी अधिकार है जो किसी दूसरे व्यक्ति पर कर्तव्य उत्पन्न करता है। यदि एक व्यक्ति के पास claim-right है, तो किसी दूसरे व्यक्ति पर उसके प्रति कानूनी कर्तव्य अवश्य होगा।

इसका मूल सिद्धांत है:

यदि A के पास claim-right है, तो B पर कर्तव्य है।

यदि कोई कर्तव्य नहीं है, तो claim-right भी नहीं है।

Claim-Right का अर्थ

Claim-right का अर्थ है ऐसा कानूनी अधिकार जिसे कानून लागू करता है और जिसका उल्लंघन होने पर न्यायालय या न्यायाधिकरण में जाकर उसे लागू कराया जा सकता है।

इसमें तीन मुख्य तत्व होते हैं:

अधिकारधारी (Right-holder)

कर्तव्यधारी (Duty-bearer)

कानूनी उपचार (Legal Remedy)

उदाहरण के लिए:

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 47 के अनुसार प्रत्येक इक्विटी शेयरधारक को मतदान का अधिकार है।

यह केवल सैद्धांतिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक claim-right है क्योंकि:

शेयरधारक अधिकारधारी है

कंपनी कर्तव्यधारी है

यदि मतदान से रोका जाए तो कानूनी उपाय उपलब्ध है

होहफेल्ड के अनुसार Claim-Right

होहफेल्ड ने कहा कि जब हम “अधिकार” शब्द का प्रयोग करते हैं, तो अधिकतर मामलों में हम claim-right की बात करते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि claim-right का संबंध हमेशा कर्तव्य से होता है।

यदि किसी व्यक्ति के पास दावा-अधिकार (claim-right) है, तो किसी दूसरे व्यक्ति पर कर्तव्य होगा।

उदाहरण:

यदि कंपनी ने लाभांश घोषित किया है (धारा 123), तो शेयरधारक को लाभांश प्राप्त करने का अधिकार है।

इस स्थिति में:

शेयरधारक का अधिकार = claim-right
कंपनी का कर्तव्य = लाभांश भुगतान करना

कंपनी अधिनियम, 2013 में Claim-Right

कंपनी अधिनियम में कई ऐसे अधिकार हैं जो वास्तव में claim-right हैं।

1. मतदान का अधिकार – धारा 47

प्रत्येक इक्विटी शेयरधारक को मतदान का अधिकार है।

यह कंपनी पर कर्तव्य बनाता है कि वह मतदान की अनुमति दे।

2. बैठक की सूचना – धारा 101

सदस्य को बैठक की सूचना प्राप्त करने का अधिकार है।

कंपनी पर सूचना भेजने का कर्तव्य है।

3. लाभांश – धारा 123

घोषणा के बाद लाभांश भुगतान कंपनी का कर्तव्य बन जाता है।

4. रजिस्टर का निरीक्षण – धारा 88

सदस्य को रिकॉर्ड देखने का अधिकार है।

कंपनी पर अनुमति देने का कर्तव्य है।

5. उत्पीड़न के विरुद्ध उपाय – धारा 241

सदस्य को न्यायाधिकरण में जाने का अधिकार है।

Claim-Right की विशेषताएँ

यह कानूनी रूप से लागू किया जा सकता है।

यह दो व्यक्तियों के बीच संबंध बनाता है।

यह कर्तव्य के साथ जुड़ा होता है।

यह विधि द्वारा संरक्षित होता है।

Claim-Right और Privilege में अंतर

Privilege का अर्थ है स्वतंत्रता।
Claim-right का अर्थ है लागू किया जा सकने वाला दावा।

उदाहरण:

निदेशक को धारा 168 के अंतर्गत इस्तीफा देने की स्वतंत्रता है।
यह privilege है।

लेकिन मतदान का अधिकार claim-right है।

कॉर्पोरेट गवर्नेंस में महत्व

Claim-right कंपनी में संतुलन बनाए रखता है।

यदि claim-right न हो:

बहुमत अल्पसंख्यकों को दबा सकता है

निदेशक जवाबदेह नहीं रहेंगे

Claim-right सुनिश्चित करता है कि कंपनी कानून के अनुसार कार्य करे।

उपचार (Remedy) का महत्व

यदि claim-right का उल्लंघन होता है, तो प्रभावित व्यक्ति NCLT में जा सकता है।

यह “Ubi Jus Ibi Remedium” सिद्धांत को दर्शाता है।

निष्कर्ष

Claim-right वह कानूनी अधिकार है जो किसी अन्य व्यक्ति पर कर्तव्य उत्पन्न करता है और जिसका उल्लंघन होने पर कानूनी उपचार उपलब्ध होता है। कंपनी अधिनियम, 2013 में अधिकांश शेयरधारक अधिकार claim-right हैं।