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Compare Rawls and Nozick.

जॉन रॉल्स और रॉबर्ट नोज़िक के सिद्धांत आधुनिक राजनीतिक और विधिक दर्शन में न्याय के दो महत्वपूर्ण लेकिन विपरीत दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।

दोनों विचारकों ने यह समझाने का प्रयास किया कि एक न्यायपूर्ण समाज कैसा होना चाहिए और राज्य की भूमिका क्या होनी चाहिए।

रॉल्स ने अपना सिद्धांत 1971 में प्रकाशित पुस्तक A Theory of Justice में प्रस्तुत किया, जबकि नोज़िक ने 1974 में Anarchy, State and Utopia में अपने विचार प्रस्तुत किए।

रॉल्स का ध्यान न्याय और समानता पर था, जबकि नोज़िक का ध्यान व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संपत्ति अधिकारों पर था।

रॉल्स के अनुसार न्याय का अर्थ है समाज में संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण।

उन्होंने मूल स्थिति (Original Position) और अज्ञान का आवरण (Veil of Ignorance) की अवधारणा प्रस्तुत की।

रॉल्स का मानना था कि यदि लोग समाज के नियम बनाते समय अपनी सामाजिक स्थिति के बारे में नहीं जानते, तो वे ऐसे सिद्धांत चुनेंगे जो सभी के लिए न्यायपूर्ण हों।

रॉल्स ने न्याय के दो प्रमुख सिद्धांत बताए।

पहला सिद्धांत है समान मूलभूत स्वतंत्रता का सिद्धांत।

इस सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को समान स्वतंत्रताएँ मिलनी चाहिए जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धर्म की स्वतंत्रता।

दूसरा सिद्धांत है अंतर सिद्धांत (Difference Principle)।

इस सिद्धांत के अनुसार असमानताएँ तभी स्वीकार्य हैं जब वे समाज के सबसे कमजोर वर्ग को लाभ पहुँचाएँ।

दूसरी ओर नोज़िक ने इस दृष्टिकोण का विरोध किया।

नोज़िक का मानना था कि न्याय का संबंध समानता से नहीं बल्कि संपत्ति के वैध स्वामित्व से है।

उनका सिद्धांत अधिकार सिद्धांत (Entitlement Theory) कहलाता है।

इसके अनुसार किसी व्यक्ति को संपत्ति का अधिकार तब प्राप्त होता है जब वह तीन सिद्धांतों का पालन करता है:

संपत्ति प्राप्ति का सिद्धांत

संपत्ति हस्तांतरण का सिद्धांत

अन्याय सुधार का सिद्धांत

यदि संपत्ति इन सिद्धांतों के अनुसार प्राप्त और हस्तांतरित की गई है तो उसका वितरण न्यायपूर्ण माना जाएगा।

नोज़िक का मानना था कि सरकार द्वारा संपत्ति का पुनर्वितरण व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

उन्होंने इसे बलपूर्वक श्रम के समान बताया।

इसलिए नोज़िक ने न्यूनतम राज्य की अवधारणा का समर्थन किया।

रॉल्स और नोज़िक के बीच सबसे बड़ा अंतर उनके समानता के दृष्टिकोण में है।

रॉल्स का मानना था कि न्याय के लिए समान अवसर और सामाजिक न्याय आवश्यक हैं।

नोज़िक का मानना था कि राज्य को समानता लागू नहीं करनी चाहिए।

यदि असमानता स्वेच्छा से किए गए लेन-देन के कारण उत्पन्न होती है तो वह न्यायपूर्ण है।

इस प्रकार रॉल्स और नोज़िक दो अलग-अलग दार्शनिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

रॉल्स उदार समानतावादी परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

नोज़िक स्वतंत्रतावादी परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दोनों सिद्धांत आधुनिक न्यायशास्त्र और राजनीतिक विचारों को गहराई से प्रभावित करते हैं।