कंपनी कानून में कंपनी को एक अलग कानूनी व्यक्ति (Legal Person) माना जाता है।
यह सिद्धांत प्रसिद्ध मामले Salomon v. Salomon (1897) में स्थापित हुआ।
इस सिद्धांत के अनुसार कंपनी का अस्तित्व उसके शेयरधारकों और निदेशकों से अलग होता है।
यदि कोई कंपनी पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती है तो सामान्यतः कंपनी स्वयं उत्तरदायी होती है।
लेकिन कंपनी अपने कार्य मानव एजेंटों जैसे निदेशकों और कर्मचारियों के माध्यम से करती है।
इसलिए कुछ परिस्थितियों में निदेशक भी उत्तरदायी हो सकते हैं।
यदि कंपनी का उपयोग धोखाधड़ी या कानून से बचने के लिए किया जाता है तो न्यायालय कॉर्पोरेट पर्दा उठाने (Piercing the Corporate Veil) का सिद्धांत लागू कर सकते हैं।