कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) आधुनिक समाज के कई क्षेत्रों को बदल रही है, जिनमें कानून और विधिशास्त्र भी शामिल हैं।
AI ऐसे कंप्यूटर सिस्टम को कहा जाता है जो सीखने, तर्क करने और निर्णय लेने जैसे कार्य कर सकते हैं।
कानूनी क्षेत्र में AI का उपयोग कई तरीकों से किया जा रहा है:
कानूनी अनुसंधान
अनुबंध विश्लेषण
न्यायालय के निर्णयों का पूर्वानुमान
दस्तावेज़ समीक्षा
AI बड़ी मात्रा में कानूनी दस्तावेजों का विश्लेषण तेजी से कर सकता है।
लेकिन AI से कई विधिक प्रश्न भी उत्पन्न होते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है उत्तरदायित्व (Accountability)।
यदि AI कोई गलत निर्णय देता है तो यह निर्धारित करना कठिन हो सकता है कि जिम्मेदार कौन है।
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा है एल्गोरिदमिक पक्षपात (Algorithmic Bias)।
यदि AI को ऐसे डेटा से प्रशिक्षित किया गया है जिसमें पक्षपात है, तो AI भी उसी पक्षपात को दोहरा सकता है।
AI गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के लिए भी चुनौती पैदा करता है।
इसलिए आधुनिक विधिशास्त्र को AI के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए नए कानूनी ढाँचे विकसित करने होंगे।