डेटा संरक्षण मानव अधिकारों से जुड़ा हुआ है, विशेष रूप से निजता के अधिकार से। आज के डिजिटल युग में सरकार और कंपनियां बड़ी मात्रा में व्यक्तिगत डेटा एकत्र करती हैं।
डेटा संरक्षण कानून यह सुनिश्चित करते हैं कि डेटा का उपयोग सही तरीके से किया जाए। भारत में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 इसी उद्देश्य के लिए बनाया गया है।
मानव अधिकारों के दृष्टिकोण से, डेटा संरक्षण व्यक्ति को अपने डेटा पर नियंत्रण देता है और दुरुपयोग से बचाता है।
लेकिन इसमें कुछ समस्याएं भी हैं। सरकार सुरक्षा के नाम पर अधिक डेटा एकत्र कर सकती है, जिससे निजता का उल्लंघन हो सकता है।
इसलिए मजबूत कानून और जागरूकता आवश्यक है।
इस प्रकार डेटा संरक्षण मानव अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।