हिरासत में मृत्यु एक गंभीर मानव अधिकार उल्लंघन है।
पीड़ित के परिवार के पास कई उपाय होते हैं:
NHRC या SHRC में शिकायत
उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में याचिका
न्यायालय:
मुआवजा दे सकता है
दोषियों पर कार्रवाई कर सकता है
जांच का आदेश दे सकता है
FIR दर्ज करना अनिवार्य है।
सरल अर्थ (Hindi):
परिवार कोर्ट जाकर न्याय और मुआवजा प्राप्त कर सकता है।