मानव अधिकार उल्लंघन के मामलों में मुआवजा पीड़ित को दिया जाने वाला आर्थिक राहत है।
यह आमतौर पर निम्न मामलों में दिया जाता है:
हिरासत में मृत्यु
पुलिस अत्याचार
अवैध हिरासत
सरकारी लापरवाही
सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनुच्छेद 21 के तहत मान्यता दी है।
मुआवजा देने का उद्देश्य है:
पीड़ित को राहत देना
गलत कार्य को रोकना
भविष्य में उल्लंघन रोकना
सरल अर्थ (Hindi):
अधिकारों के उल्लंघन पर पीड़ित को पैसे मिलते हैं।