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Explain Civil Law system.

सिविल लॉ प्रणाली (Civil Law System) दुनिया की सबसे व्यापक रूप से अपनाई जाने वाली कानूनी प्रणालियों में से एक है। यह मुख्य रूप से यूरोप, लैटिन अमेरिका और एशिया तथा अफ्रीका के कुछ देशों में लागू है।

फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, जापान जैसे देशों में यह प्रणाली अपनाई जाती है।

सिविल लॉ प्रणाली मुख्य रूप से लिखित कानूनों और विधिक संहिताओं (Codes) पर आधारित होती है।

कॉमन लॉ प्रणाली के विपरीत, जहाँ न्यायालयों के निर्णय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, सिविल लॉ प्रणाली में विधायिका द्वारा बनाए गए लिखित कानूनों को अधिक महत्व दिया जाता है।

सिविल लॉ प्रणाली की उत्पत्ति रोमन कानून से मानी जाती है।

प्राचीन रोमन कानूनों को एकत्र कर Corpus Juris Civilis नामक विधिक संहिता बनाई गई थी, जिसे 6वीं शताब्दी में रोमन सम्राट जस्टिनियन के शासनकाल में संकलित किया गया।

बाद में 19वीं शताब्दी में कई यूरोपीय देशों ने रोमन कानून के आधार पर विस्तृत विधिक संहिताएँ विकसित कीं।

सबसे प्रसिद्ध उदाहरण नेपोलियन संहिता (Napoleonic Code) 1804 है।

सिविल लॉ प्रणाली में संहिताकरण (Codification) पर विशेष जोर दिया जाता है।

संहिताकरण का अर्थ है कानूनों को व्यवस्थित रूप से लिखित रूप में संकलित करना।

उदाहरण के लिए:

सिविल कोड

आपराधिक संहिता

वाणिज्यिक संहिता

प्रक्रिया संहिता

इन संहिताओं में विभिन्न कानूनी स्थितियों के लिए विस्तृत नियम होते हैं।

सिविल लॉ प्रणाली में न्यायिक नज़ीर की भूमिका सीमित होती है।

न्यायाधीश पहले के निर्णयों को मार्गदर्शन के रूप में देख सकते हैं, लेकिन वे उन निर्णयों से बाध्य नहीं होते।

इस प्रणाली में न्यायाधीशों की भूमिका मुख्य रूप से लिखित कानूनों को लागू करने की होती है।

वे आमतौर पर नए कानूनी सिद्धांत नहीं बनाते।

सिविल लॉ प्रणाली में न्यायाधीश अक्सर जांचकर्ता की भूमिका निभाते हैं।

वे साक्ष्यों की जांच करने और तथ्य निर्धारित करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

इस प्रणाली को कभी-कभी जांचात्मक प्रणाली (Inquisitorial System) भी कहा जाता है।

सिविल लॉ प्रणाली का उद्देश्य कानून में स्पष्टता और निश्चितता प्रदान करना है।

क्योंकि कानून लिखित संहिताओं में व्यवस्थित होते हैं, इसलिए नागरिकों और वकीलों के लिए उन्हें समझना आसान होता है।

हालाँकि आलोचकों का कहना है कि अत्यधिक संहिताकरण के कारण कानून कभी-कभी कठोर और कम लचीला हो सकता है।

फिर भी सिविल लॉ प्रणाली आज भी दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रणालियों में से एक है।