न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) का अर्थ है न्यायपालिका का सक्रिय भूमिका निभाना और केवल कानून की व्याख्या तक सीमित न रहकर समाज में न्याय सुनिश्चित करना। जब कार्यपालिका (Executive) और विधायिका (Legislature) अपने कर्तव्यों को सही ढंग से नहीं निभाते, तब न्यायपालिका आगे बढ़कर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है।
1. अर्थ
न्यायिक सक्रियता का अर्थ है न्यायालय द्वारा सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर न्याय प्रदान करना।
2. उत्पत्ति
यह अवधारणा अमेरिका से आई, लेकिन भारत में इसका व्यापक उपयोग हुआ है।
3. मुख्य विशेषताएं
मौलिक अधिकारों का विस्तार
जनहित याचिका (PIL) का उपयोग
सामाजिक न्याय पर जोर
कमजोर वर्गों की सुरक्षा
4. भारत में उदाहरण
पर्यावरण संरक्षण
जेल सुधार
महिलाओं और बच्चों के अधिकार
5. PIL की भूमिका
PIL न्यायिक सक्रियता का मुख्य साधन है।
6. लाभ (Advantages)
गरीबों को न्याय
सरकार की जवाबदेही
अधिकारों की रक्षा
7. आलोचना (Criticism)
न्यायिक अतिक्रमण (Overreach)
शक्तियों का संतुलन बिगड़ना
8. महत्व
लोकतंत्र को मजबूत करता है
न्याय सुनिश्चित करता है
9. निष्कर्ष
न्यायिक सक्रियता आवश्यक है, लेकिन इसका उपयोग सीमित और संतुलित होना चाहिए।
सरल अर्थ
जब कोर्ट खुद आगे आकर लोगों को न्याय देता है, उसे न्यायिक सक्रियता कहते हैं।