इस प्रश्न में मुद्दा यह है कि क्या सार्वजनिक व्यवस्था के आधार पर सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन पर रोक मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सभा की स्वतंत्रता का हिस्सा है, जो मानवाधिकार और संविधान दोनों में मान्यता प्राप्त है।
लेकिन ये अधिकार पूर्ण नहीं हैं। राज्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित प्रतिबंध लगा सकता है।
यदि विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाए या शांति भंग करे, तो सरकार उसे रोक सकती है।
मुख्य बात यह है कि प्रतिबंध उचित और आवश्यक होना चाहिए। बिना कारण के पूर्ण प्रतिबंध मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
अंत में, यह स्थिति पर निर्भर करता है कि प्रतिबंध उचित है या नहीं।