निगरानी (Surveillance) का मतलब है लोगों की गतिविधियों और संचार पर नजर रखना।
राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सरकार निगरानी करती है ताकि अपराध और आतंकवाद को रोका जा सके।
समर्थकों का कहना है कि इससे देश सुरक्षित रहता है।
लेकिन अधिक निगरानी से निजता का अधिकार प्रभावित होता है, जो अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है।
इसलिए सुरक्षा और निजता के बीच संतुलन होना चाहिए।
निगरानी:
कानूनी होनी चाहिए
आवश्यक होनी चाहिए
सीमित होनी चाहिए
अत्यधिक निगरानी से अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
निष्कर्ष में, सीमित और उचित निगरानी ही सही है।