यदि किसी अल्पसंख्यक समुदाय को धार्मिक स्वतंत्रता से वंचित किया जाता है, तो यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता देता है और अनुच्छेद 29-30 अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं।
पीड़ित व्यक्ति उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकता है।
न्यायालय रिट जारी कर अधिकारों की रक्षा कर सकता है।
इस प्रकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी उपाय उपलब्ध हैं।