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Police arrest person illegally. Human Rights violation?

हाँ, पुलिस द्वारा अवैध गिरफ्तारी मानव अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। भारतीय संविधान अनुच्छेद 21 और 22 के तहत व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है।

कानून के अनुसार, पुलिस बिना उचित प्रक्रिया के किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती। गिरफ्तारी का कारण बताना, वकील की सहायता देना और 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी है।

DK Basu केस में सर्वोच्च न्यायालय ने दिशा-निर्देश दिए थे।

अवैध गिरफ्तारी व्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मान का उल्लंघन है। पीड़ित व्यक्ति अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है और मुआवजा मांग सकता है।

इस प्रकार यह एक गंभीर मानव अधिकार उल्लंघन है।