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What is Critical Legal Theory?

क्रिटिकल लीगल थ्योरी (Critical Legal Theory) या क्रिटिकल लीगल स्टडीज़ (CLS) एक विधिक आंदोलन है जो 1970 के दशक में अमेरिका में विकसित हुआ।

यह सिद्धांत इस धारणा को चुनौती देता है कि कानून पूरी तरह निष्पक्ष और तटस्थ होता है।

क्रिटिकल लीगल सिद्धांत के अनुसार कानून अक्सर समाज के शक्तिशाली वर्गों के हितों को प्रतिबिंबित करता है।

यह सिद्धांत बताता है कि कानून केवल तर्कसंगत नियमों का समूह नहीं है बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक शक्तियों से प्रभावित होता है।

इसका उद्देश्य कानूनी प्रणाली में छिपी असमानताओं को उजागर करना है।