Skip to Content

What is power?

Power क्या है?

साधारण भाषा में Power का अर्थ शक्ति होता है। लेकिन विधि के क्षेत्र में Power का अर्थ शारीरिक शक्ति या राजनीतिक प्रभाव नहीं है। कानूनी अर्थ में Power का मतलब है – किसी व्यक्ति की वह वैधानिक क्षमता जिसके द्वारा वह अपने या किसी अन्य व्यक्ति के अधिकारों, कर्तव्यों या कानूनी स्थिति को बदल सकता है।

Hohfeld ने कानूनी संबंधों को चार भागों में विभाजित किया:

Claim-Right – Duty

Liberty – No Right

Power – Liability

Immunity – Disability

Power का संबंध Liability से है।
यदि A के पास Power है, तो B के पास Liability है।
इसका अर्थ है कि A अपनी वैधानिक शक्ति से B की कानूनी स्थिति बदल सकता है।

Power का विधिक अर्थ

Power का अर्थ है कानून द्वारा मान्यता प्राप्त ऐसी क्षमता जिससे कानूनी परिणाम उत्पन्न होते हैं।

इसका अर्थ है:

• अधिकार बनाना
• कर्तव्य उत्पन्न करना
• कानूनी संबंध बदलना
• किसी की स्थिति समाप्त करना

Power हमेशा कानूनी प्रभाव पैदा करता है।

Hohfeld का विश्लेषण

Hohfeld के अनुसार:

Power ↔ Liability

यदि A के पास Power है, तो B उस परिवर्तन के लिए उत्तरदायी है।

उदाहरण:

धारा 169 के अंतर्गत शेयरधारकों के पास निदेशक को हटाने की शक्ति है।

यदि वे प्रस्ताव पारित करते हैं, तो निदेशक का पद समाप्त हो सकता है।

यहाँ:

शेयरधारक = Power
निदेशक = Liability

Companies Act, 2013 में Power

कंपनी एक कृत्रिम व्यक्ति है। वह स्वयं कार्य नहीं कर सकती।
वह अपने शेयरधारकों और निदेशकों के माध्यम से कार्य करती है।

इन व्यक्तियों को अधिनियम के तहत विभिन्न Powers दी गई हैं।

(1) शेयरधारकों की शक्ति

धारा 169 के अंतर्गत शेयरधारक साधारण प्रस्ताव द्वारा निदेशक को हटा सकते हैं।

यह एक महत्वपूर्ण Power है।

इससे निदेशक की कानूनी स्थिति बदल जाती है।

(2) निदेशक मंडल की शक्ति

धारा 179 के अनुसार निदेशक मंडल को कंपनी के प्रबंधन की शक्ति प्राप्त है।

वे:

• ऋण ले सकते हैं
• वित्तीय विवरण स्वीकृत कर सकते हैं
• अनुबंध कर सकते हैं
• निर्णय ले सकते हैं

इन निर्णयों से कानूनी परिणाम उत्पन्न होते हैं।

(3) अनुच्छेद संशोधन की शक्ति – धारा 14

कंपनी अपने अनुच्छेदों में संशोधन कर सकती है।

लेकिन यह शक्ति अधिनियम की सीमाओं में है।

यदि अनुच्छेद अधिनियम के विरुद्ध हैं, तो वे अमान्य होंगे।

(4) न्यायाधिकरण की शक्ति

धारा 242 के अंतर्गत NCLT के पास शक्ति है कि वह उत्पीड़न या कुप्रबंधन के मामलों में आदेश पारित करे।

वह:

• निदेशक को हटा सकता है
• समझौते निरस्त कर सकता है
• कंपनी के संचालन को नियंत्रित कर सकता है

यह भी Power का उदाहरण है।

Power की विशेषताएँ

यह वैधानिक अधिकार है।

यह कानूनी परिणाम उत्पन्न करता है।

यह कानून द्वारा सीमित है।

यह Liability उत्पन्न करता है।

यह कॉर्पोरेट संरचना को चलाता है।

Power और Liberty का अंतर

Liberty का अर्थ है स्वतंत्रता।
Power का अर्थ है कानूनी परिवर्तन की क्षमता।

उदाहरण:

शेयर बेचना → Liberty
निदेशक हटाना → Power

Power और Immunity का अंतर

Power = कानूनी संबंध बदलने की क्षमता
Immunity = उस परिवर्तन से सुरक्षा

यदि A के पास Power है तो B के पास Liability है।
यदि A के पास Immunity है तो B के पास Disability है।

कॉर्पोरेट गवर्नेंस में महत्व

Power के बिना कंपनी नहीं चल सकती।

• शेयरधारक निर्णय नहीं ले सकते
• निदेशक प्रबंधन नहीं कर सकते
• न्यायाधिकरण सुरक्षा नहीं दे सकता

इसलिए Power आवश्यक है।

लेकिन Power का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

Power की सीमाएँ

Power को:

• अधिनियम का पालन करना होगा
• प्रक्रिया का पालन करना होगा
• सद्भावना में प्रयोग करना होगा
• अनुच्छेदों के अनुरूप होना होगा

यदि Power का दुरुपयोग किया जाता है, तो न्यायाधिकरण हस्तक्षेप करेगा।

Power का दुरुपयोग

यदि बहुमत अपनी शक्ति का उपयोग अल्पसंख्यक को नुकसान पहुँचाने के लिए करता है, तो यह उत्पीड़न है।

धारा 241–242 के तहत राहत मिल सकती है।

Rule of Law और Power

Power कानून के अधीन है।

कोई भी व्यक्ति या संस्था असीमित शक्ति नहीं रखती।

कंपनी अधिनियम शक्ति को नियंत्रित करता है।

निष्कर्ष

Power वह वैधानिक क्षमता है जिसके द्वारा कानूनी संबंध बदले जा सकते हैं। Companies Act, 2013 में शेयरधारकों, निदेशकों और न्यायाधिकरण को विभिन्न Powers प्रदान की गई हैं। यह कॉर्पोरेट शासन के लिए आवश्यक है, परंतु इसे कानून की सीमाओं में प्रयोग किया जाना चाहिए।