बिना कानूनी अनुमति के निगरानी सामान्यतः वैध नहीं है और यह मानव अधिकारों का उल्लंघन है।
Puttaswamy केस (2017) में निजता को मौलिक अधिकार माना गया।
निगरानी के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया आवश्यक है।
बिना अनुमति निगरानी करना निजता और स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
इस प्रकार यह सामान्यतः असंवैधानिक है।