इंदिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण (1975) मामला शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत से संबंधित था।
राज नारायण ने इंदिरा गांधी के चुनाव को चुनौती दी।
इस दौरान संसद ने 39वाँ संविधान संशोधन पारित किया।
इस संशोधन का उद्देश्य प्रधानमंत्री के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर करना था।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस संशोधन को असंवैधानिक घोषित कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा न्यायिक समीक्षा संविधान की मूल संरचना का हिस्सा हैं।