राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की संरचना इस प्रकार बनाई गई है कि यह स्वतंत्र, विशेषज्ञ और विश्वसनीय संस्था हो। मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अनुसार इसमें एक अध्यक्ष और अन्य सदस्य होते हैं।
NHRC का अध्यक्ष भारत का पूर्व मुख्य न्यायाधीश होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि संस्था का नेतृत्व अनुभवी और निष्पक्ष व्यक्ति के हाथ में हो।
अन्य सदस्य होते हैं:
एक सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश
एक उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
दो सदस्य जिन्हें मानव अधिकारों का अनुभव हो
इसके अतिरिक्त SC, ST, महिला और अल्पसंख्यक आयोगों के अध्यक्ष भी सदस्य होते हैं।
इनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिससे निष्पक्षता बनी रहती है।
यह संरचना न्यायिक अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान का संतुलन बनाती है।
सरल अर्थ (Hindi):
NHRC में बड़े जज और अनुभवी लोग होते हैं ताकि सही और निष्पक्ष निर्णय हो सके।