सूचना का अधिकार (RTI) एक मानव अधिकार माना जाता है क्योंकि यह पारदर्शिता, जवाबदेही और शासन में भागीदारी सुनिश्चित करता है। यह अनुच्छेद 19(1)(a) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है, जिसमें जानने का अधिकार शामिल है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सरकारी संस्थाओं से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है। इससे भ्रष्टाचार कम होता है और शासन बेहतर बनता है। बिना जानकारी के नागरिक अपने अन्य अधिकारों का सही उपयोग नहीं कर सकते।
RTI नागरिकों को सरकार से प्रश्न पूछने, रिकॉर्ड मांगने और जवाबदेही तय करने की शक्ति देता है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है कि जानने का अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है।
इस प्रकार RTI एक महत्वपूर्ण मानव अधिकार है क्योंकि यह नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाता है।