महिलाओं और बच्चों के मानव अधिकार समानता और सामाजिक न्याय के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। भारतीय संविधान इन वर्गों को विशेष सुरक्षा देता है क्योंकि ये अक्सर भेदभाव और शोषण का सामना करते हैं।
महिलाओं के लिए अनुच्छेद 14 समानता देता है, अनुच्छेद 15(3) विशेष प्रावधान की अनुमति देता है, और अनुच्छेद 16 रोजगार में समान अवसर देता है। घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 और यौन उत्पीड़न विरोधी कानून महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। समान कार्य के लिए समान वेतन भी नीति निदेशक तत्वों में दिया गया है।
बच्चों के लिए अनुच्छेद 21A मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है। अनुच्छेद 24 खतरनाक उद्योगों में बाल श्रम को प्रतिबंधित करता है। बच्चों को शोषण और दुर्व्यवहार से सुरक्षा भी दी गई है। किशोर न्याय अधिनियम और POCSO अधिनियम बच्चों की रक्षा करते हैं।
इस प्रकार महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा मानव अधिकारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।